Thursday, April 2, 2009

हम गुस्से में चिल्लाते क्यूँ हैं ?

नमस्कार मित्रों,

आज एक बहुत ही अच्छी कहानी पढ़ी मैंने | इसे पढ़कर मुझे कविता लिखने का मन किया सो मैंने एक कविता लिखी है | मूल विचार मेरे नहीं हैं किन्तु इसे कविता के रूप में ढालने का प्रयास किया है| कहानी को भी कविता के बाद संलग्न किया है ताकि आप उसका भी आनंद ले सकें |

तो लीजिये आप के लिए -

हम गुस्से में चिल्लाते क्यूँ हैं ?

सोचा है क्या तुमने हम गुस्से में आपा खोते क्यूँ हैं,
जो चाहें मीठे फल पाना तो हम कांटे बोते क्यूँ हैं ?
अपने गुस्से को चीखों से, शोरों से, बतलाते क्यूँ हैं ,
पास खडा हो व्यक्ति फिर भी हम उस पर चिल्लाते क्यूँ हैं ?

जब दिल से दिल की दूरी इतनी ज्यादा बढ़ जाती है,
तब आवाजों के पावों में जैसे बेडी पड़ जाती है ,
बिन चीखे, जो सामने तक, नहीं पहुँचता सार है ,
लेता जनम चीत्कार तब जब टूट जाता प्यार है |

वहीँ, जहाँ दो दिल मिले बैठें, शोरों की दरकार कहाँ है ?
मौन बात हो, समझ साथ हो, तो चीखें चीत्कार कहाँ है ?
होती बात निगाहों में ही, हों आखें जो चार तो क्या है ?
और बात होठों से निकले बिन जो हो स्वीकार तो क्या है ?

रखना इसे तुम ध्यान में की दिल की दूरी दूर हो,
ना दोस्ती फिर टूटने को, फिर कोई, मजबूर हो.....


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Original Story-

A saint asked his disciples, 'Why do we shout in anger? Why do people shout at each other when they are upset?'
Disciples thought for a while, one of them said, 'Because we lose our calm, we shout for that.'

'But, why to shout when the other person is just next to you?' asked the saint.
'Isn't it possible to speak to him or her with a soft voice? Why do you shout at a person when you're angry?'

Disciples gave some other answers but none satisfied the saint.

Finally he explained, 'When two people are angry at each other, their hearts distance a lot. To cover that distance they must shout . More the angry, more the distance between hearts & louder you should shout to cover the distance & reach him.

Then the saint asked, 'What happens when two people fall in love? They don't shout at each other but talk softly, why? Because their hearts are very close. The distance between them is very small....' They do not speak, only whisper and they get even closer to each other in their love. Finally they even need not whisper, they only look at each other and that's all. That is how close two people are when they love each other.'

MORAL: When you argue, do not let the hearts go far away & do not say words that keeps the distance of each other more, else there will come a day when the distance is so great that you will not find the path to return.

5 comments:

अनिल कान्त : said...

कभी हम अपने झूठ को सच बनाने के लिए चिल्लाते हैं तो कभी हम अपने अहम को दिखने के लिए चिल्लाते हैं

मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति

रंजना [रंजू भाटिया] said...

शायद गुस्से में चिल्ला कर गुस्सा करने वालों को अपनी बात सही सच्ची लगती हो :) अच्छी लगी यह

mehek said...

bahut hi sunder kavita aur achhi kahani,sahi ,jab dil ki duri badh jaye,aawaz sunati nahi deti.

श्यामल सुमन said...

बहुत खूब। कहते हैं कि-

कितना लोगों को चीखना पड़ता है यहाँ।
एक कमजोर की आवाज दबाने के लिए।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com

Readers Cafe said...

Hi Archana,
Kya haal hain, aapki naukri ki tokri ke kya haal hain.

Jab dil dariya ban jaaye tabhi sab chillate yun hain, dariya ke do alag alag kinaron pe khare log chilla kar hi ek dusre tak baat pahuncha sakte hain

- Tarun