Friday, April 30, 2010

मेरी बातों ने उन्हें छुआ होगा, पर.. शायद.. कुछ यूं हुआ होगा ...
मशरूफ होंगे काम में, तभी चुप्पी सी छाई है...
लिखा नींद में होगा, जो ख़त कड़वा पैगाम लायी है ...
मेरी हर बात, करके याद, उनका दिल जो टूटा होगा,
तभी हर बात पर , मुंह से उनके वो ज़हर छूटा होगा,
लेकिन... मेरे यकीन ने उन्हें ज़रूर छुआ होगा...
पर.. शायद .. कुछ यूं हुआ होगा ...कुछ यूं हुआ होगा...
(c) अर्चना
meri baaton ne unhen chhua hoga, par shayad kuch yoon hua hoga..

mashroof honge kaam mein, tabhi chhupi si chaayi hai,
likha neend mein hoga, jo khat kadwa paigaam laayi hai,
meri har baat, karke yaad, unka dil jo toota hoga,
tabhi har baat par, munh se unke wo zahar chhoota hoga....

lekin... mere yakeen ne unhen zaroor chhua hoga...
par.. shayad... kuch yoon hua hoga..... kuch yoon hua hoga...

7 comments:

संजय भास्कर said...

हमेशा की तरह उम्दा रचना..बधाई.

Udan Tashtari said...

बहुत बढ़िया!

दिलीप said...

bahut khoob...

honesty project democracy said...

आपका सोच अत्यंत ही सराहनीय है / आप अपने सोच को चाहे वह कविता,कहानी या लेख कुछ भी क्यों न हो ,उसके जरिये देश और समाज में सार्थक बदलाव लाने की कोशिस जरूर कीजिये /अच्छी कविता के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद / आशा है आप इसी तरह ब्लॉग की सार्थकता को बढ़ाने का काम आगे भी ,अपनी अच्छी सोच के साथ करते रहेंगे / ब्लॉग हम सब के सार्थक सोच और ईमानदारी भरे प्रयास से ही एक सशक्त सामानांतर मिडिया के रूप में स्थापित हो सकता है और इस देश को भ्रष्ट और लूटेरों से बचा सकता है /आशा है आप अपनी ओर से इसके लिए हर संभव प्रयास जरूर करेंगे /हम आपको अपने इस पोस्ट http://honestyprojectrealdemocracy.blogspot.com/2010/04/blog-post_16.html पर देश हित में १०० शब्दों में अपने बहुमूल्य विचार और सुझाव रखने के लिए आमंत्रित करते हैं / उम्दा विचारों को हमने सम्मानित करने की व्यवस्था भी कर रखा है / पिछले हफ्ते अजित गुप्ता जी उम्दा विचारों के लिए सम्मानित की गयी हैं /

nilesh mathur said...

आज आपकी कई रचनाएँ पढ़ी, बहुर प्रभावशाली रचनाएँ हैं!

nilesh mathur said...

आपको पहले भी शायद मैंने कहीं पढ़ा hai!

Ashish said...

यक़ीनन कविता में गहराई है. आपसे युवाओं को प्रेरणा मिलेगी.